100+Desh Bhakti Shayari | देश भक्ति की शायरी

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Desh Bhakti Shayari in Hindi: This post contains 100+ top Hindi Desh Bhakti Shayari in Hindi for 26th January and 15th August . most of the Shayari contains images with them.

You can use these images and Desh Bhakti Shayari in Hindi on the occasion of Republic Day (26th January) and Independence day (15th August).

Desh Bhakti Shayari for 26 January

इस देश की हिफाज़त ही मेरा ईमान है,
मेरे वतन में ही बसती मेरी जान है,
भारत देश पर कुर्बान है मेरा सब कुछ,
मेरा देश ही मेरी असली पहचान है।

is desh kee hiphaazat hee mera eemaan hai,
mere vatan mein hee basatee meree jaan hai,
bhaarat desh par kurbaan hai mera sab kuchh,
mera desh hee meree asalee pahachaan hai.

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इस देश के लिए शहीद होना कबूल है मुझे,
क्योंकि अखंड भारत बनाने का जूनून है मुझे।

is desh ke lie shaheed hona kabool hai mujhe,
kyonki akhand bhaarat banaane ka joonoon hai mujhe.

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अपनी आज़ादी को हम हरगिज मिटा सकते नहीं,
सर कटा सकते हैं लेकिन सर झुका सकते नही

apanee aazaadee ko ham haragij mita sakate nahin,
sar kata sakate hain lekin sar jhuka sakate nahee

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वतन की मोहब्बत हम में खुद को तपाये बैठे है,
हम मरेंगे तो वतन के लिए ये मौत से शर्त लगाये बैठे हैं।

vatan kee mohabbat ham mein khud ko tapaaye baithe hai,
ham marenge to vatan ke lie ye maut se shart lagaaye baithe hain.

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लिख रहा हूँ मैं अंजाम जिसका कल आगाज आएगा,
मेरे लहू के हर एक कतरे से इंकलाब लाएगा।

likh raha hoon main anjaam jisaka kal aagaaj aaega,
mere lahoo ke har ek katare se inkalaab laega.

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जो अब तक खून ना खौला खून नही वह पानी हैं,
जो इस देश के काम ना आये वो बेकार जवानी हैं।

jo ab tak khoon na khaula khoon nahee vah paanee hain,
jo is desh ke kaam na aaye vo bekaar javaanee hain.

अनेकता में एकता ही इस देश की शान है,
इसीलिए तो मेरा भारत सबसे महान है।

anekata mein ekata hee is desh kee shaan hai,
iseelie to mera bhaarat sabase mahaan hai.

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Republic day status

अपनी आज़ादी को हम हरगिज़ मिटा सकते नहीं,
सर कटा सकते हैं लेकिन सर झुका सकते नहीं।

apanee aazaadee ko ham haragiz mita sakate nahin,
sar kata sakate hain lekin sar jhuka sakate nahin.

सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा,
हम बुलबुलें हैं उसकी वो गुलसिताँ हमारा।
पर्वत वो सबसे ऊँचा हमसाया आसमाँ का,
वो संतरी हमारा वो पासबाँ हमारा,
सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा।

saare jahaan se achchha hindustaan hamaara,
ham bulabulen hain usakee vo gulasitaan hamaara.
parvat vo sabase ooncha hamasaaya aasamaan ka,
vo santaree hamaara vo paasabaan hamaara,
saare jahaan se achchha hindustaan hamaara.

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देश की हिफाजत मरते दम तक करेंगे
दुश्मन की हर गोली का हम सामना करेंगे
आजाद हैं और आजाद ही रहेंगें

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मुझे ना तन चाहिए, ना धन चाहिए
बस अमन से भरा यह वतन चाहिए

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लड़े जंग वीरों की तरह,
जब खून खौल फौलाद हुआ |
मरते दम तक डटे रहे वो,
तब ही तो देश आजाद हुआ ||

चूमा था वीरों ने फांसी का फंदा
यूँ ही नहीं मिली थी आजादी खैरात में

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जो अब तक ना खौला, वो खून नहीं पानी है,
जो देश के काम ना आये, वो बेकार जवानी है

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अपनी आजादी को हम हरगिज मिटा सकते नही !
सर कटा सकते हैं लेकिन सर झुका सकते नही!!

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चैन ओ अमन का देश है मेरा, इस देश में दंगा रहने दो!
लाल हरे में मत बांटो, इसे शान ए तिरंगा रहने दो

जब आँख खुले तो धरती हिन्दुस्तान की हो:
जब आँख बंद हो तो यादेँ हिन्दुस्तान की हो:
हम मर भी जाए तो कोई गम नही लेकिन,
मरते वक्त मिट्टी हिन्दुस्तान की हो।

दिलों की नफरत को निकालो,
वतन के इन दुश्मनों को मारो,
ये देश है खतरे में ए -मेरे -हमवतन,
भारत माँ के सम्मान को बचा लो!!

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वतन की मोहब्बत में खुद को तपाये बैठे है,
मरेगे वतन के लिए शर्त मौत से लगाये बैठे हैं!

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लुटेरा है अगर आजाद तो अपमान सबका है,
लुटी है एक बेटी तो लुटा सम्मान सबका है,
बनो इंसान पहले छोड़ कर तुम बात मजहब की,
लड़ो मिलकर दरिंदों से ये हिंदुस्तान सबका है।

कुछ नशा तिरंगे की आन का है,
कुछ नशा मातृभूमि की शान का है,
हम लहराएंगे हर जगह..
ये तिरंगा नशा ये हिंदुस्तान की शान का है।

ना सरकार मेरी है ना रौब मेरा है,
ना बड़ा सा नाम मेरा है,
मुझे तो एक छोटी सी बात का गौरव है,
मै हिन्दुस्तान का हूँ और हिन्दुस्तान मेरा है,

शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले,
वतन पे मर मिटनेवालों का बाकी यही निशां होगा

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जब तक जिन्दा रहूं, इस मातृ-भूमि के लिए
और जब मरुँ तो तिरंगा कफ़न चाहिये

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खून से खेलेंगे होली,
अगर वतन मुश्किल में है
सरफ़रोशी की तमन्ना
अब हमारे दिल में है,

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जो अब तक ना खौला वो खून नही पानी हैं,
जो देश के काम ना आये वो बेकार जवानी हैं.

कर जस्बे को बुलंद जवान
तेरे पीछे खड़ी आवाम
हर पत्ते को मार गिरायेंगे
जो हमसे देश बटवायेंगे

अपनी धरती अपना हैं ये वतन, मेरा है मेरा है ये वतन,
इस पर जो आॅंख उठाएगा, जिंदा दफना दिया जाएगा
मुझे जान से भी प्यारा है ये वतन..

तैरना है तो समंदर में तैरो नालों में क्या रखा हैं,
प्यार करना है तो देश से करो औरों में क्या रखा हैं…

रात होते ही आप नींद में खो जाते है,
सूरज ढलते ही वो तैनात हो जाते है…

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ख़ुशी ख़ुशी गले लगाया था
शहीदों ने फांसी का फंदा
यूँ ही नहीं मिली थी आजादी खैरात में

न केशरिया मेरा है न हरा मेरा है
मेरा धर्म हिन्दुस्तानी है
पूरा तिरंगा मेरा है

मेरी जान तु सदा जिंदाबाद रहे तू
ऐ मेरे प्यारे वतनआबाद रहे तू

कुछ न कुछ तो बात है मिटटी में मेरे देश की,
लोग शरहद से छुपकर आते हैं
मेरे देश की मिटटी में दफ़न होने के लिए

जिसे सींचा खून से उसे हम कभी खो नहीं सकते
धन चाह कर जहर हरगिज बो नहीं सकते,
वतन के नाम पर जीना देश के नाम मर जाना,
शहादत से बड़ी कोई इबादत हो नहीं सकती.

जो सो चुके है उनको जगाना है
देशभक्ति कोअपनी सासों में बसना है
अपने तिरंगे को पुरे जहा में फेहराना है

New desh bhakti shayari

  • न आरजू जन्नत की न ही मौत की फिक्र
    चाहती है जिंदगी बस शहीदों में हो जिक्र
  • जो रात को भी तैनात रहता है
    और जो दिन को भी  तैनात रहता है
    वो है मेरा भारतीय वीर जवान
  • सीने पर गोलि खा हस्ते हस्ते मरने वाले
    तुझे प्रणाम कारगिल में लड़ने वाले
  • जो धर्म पे मर मिटा बस वही महान है
    कारगिल का हर जवान देवता समान है
    कारगिल का हर जवान देवता समान
  • जो अब तक ना खोला वो खून नहीं पानी है
    और जो देश के काम ना आए वो बेकार की जवानी हैं
  • मुझे ना तन चाहिए ना धन चाहिए
    बस अमन से भरा ये वतन चाहिए
    जब तक जिन्दा रहूं इस मातृभूमि के लिए
    और जब मरूं तो तिरंगा कफन चाहिए.
    जब मरूं तो तिरंगा कफन चाहिए
  • नहीं भूल सकते किसी भी बलिदान को
    हर शहीद का बदला लिया जायेगा
  • जब आप खुले तो धरती हिन्दुस्तान की हो
    जब आँख बंद हो तो यादें हिन्दुस्तान की हो
    हम मर भी जाएं तो कोई गम नहीं
    लेकिन मरते वक्त मिट्टी हिन्दुस्तान की हो
  • देशभक्तों से ही देश की शान है
    देशभक्तों से ही देश का मान है
    हम उस देश के फूल है यारो
    जिस देश का नाम हिन्दुस्तान है
  • कुछ न शायद तिरंगे की आन का ही
    कुछ नशा मातृभूमि की मान का है
    हम लहराएंगे हर जगह ये तिरंगा
    नशा ये हिन्दुस्तान की शान का है
  • एक दीप उनके नाम का भी रखना थाली में
    जिनकी साँसे थम गयी रखवाली में

This was a collection of Desh Bhakti Shayari for republic and Independence day.

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